मंगलवार, 7 जुलाई 2009

गुडिया नए ज़माने की





















बचपन में गुडिया से हर किसी का सामना होता ही है। विशेषरूप से लड़कियां तो हमेशा उनकी शादी - विवाह और दूसरी चिन्ताओ में व्यस्त रहती है। गुडिया के नए ठाट तो देखिये.




12 टिप्‍पणियां:

Dhiraj Shah ने कहा…

sundar gudiyo ka balpan

ओम आर्य ने कहा…

स्वपनिल होती है गुडियो की दुनिया...............अच्छा लगा

राज भाटिय़ा ने कहा…

बहुत सुंदर लगा यह गुडियो का प्यार

Nirmla Kapila ने कहा…

वाह वाह इतनी सुन्दर गुडियाँ देख कर तो मन करता है कि एक बार फिर से बचपन लौट आये बहुत खूब्सूरत पोस्ट बधाई

हिमांशु । Himanshu ने कहा…

सजी संवरी इन गुड़ियों को देखकर मन पुलक उठा । आभार ।

अनिल पाण्डेय ने कहा…

bahut sundar....

दिगम्बर नासवा ने कहा…

सुन्दर gudiyaaon के chtr ........

M VERMA ने कहा…

बहुत सुन्दर गुडिया

सैयद | Syed ने कहा…

अरे वाह !!

लवी ने देख लिया तो अभी लेने के लिए मचल जायेगी.

Udan Tashtari ने कहा…

सुन्दर हैं सभी!!

AlbelaKhatri.com ने कहा…

atyant sundar !

Vijay Kumar Sappatti ने कहा…

itni saari gudiya kahan se le aayi aap ji

meri beti to sab maang lengi...

Aabhar
Vijay
http://poemsofvijay.blogspot.com/2009/07/window-of-my-heart.html